अर्जुन तेंदुलकर
अर्जुन तेंदुलकर

अर्जुन तेंदुलकर ओपनिंग में उतरे और जड़ दिए 5 चौके, लेकिन विकेट को तरसे

अर्जुन तेंदुलकर इस समय विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में गोवा की तरफ से खेल रहे हैं, लेकिन अब तक गेंदबाजी में उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। मुंबई के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 8 ओवर में 78 रन लुटाए और तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके, जिससे उनके फॉर्म पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

मुंबई के खिलाफ महंगे साबित हुए अर्जुन तेंदुलकर

गोवा की ओर से अपनी पुरानी टीम मुंबई के खिलाफ मैदान पर उतरे अर्जुन तेंदुलकर से गेंद के साथ बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन यह मैच उनके लिए यादगार नहीं रहा। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपने 8 ओवर के स्पेल में 9.75 की इकॉनमी से 78 रन दे दिए और एक भी विकेट नहीं निकाल सके, जबकि मुंबई ने 8 विकेट पर 444 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।

मुंबई के लिए सरफराज खान ने सिर्फ 75 गेंदों पर 157 रन की तूफानी पारी खेलकर गोवा के सभी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और अर्जुन पर भी बेखौफ प्रहार किए। इतने बड़े लक्ष्य के सामने गोवा पर शुरू से ही दबाव था और गेंदबाजी में अर्जुन का विकेट न निकाल पाना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

अर्जुन तेंदुलकर

तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं

विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में अर्जुन तेंदुलकर ने अब तक गोवा के लिए तीन मैच खेले हैं, लेकिन उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला है। हिमाचल प्रदेश के खिलाफ दूसरे राउंड के मैच में अर्जुन ने 6 ओवर में 58 रन दिए, जबकि सिक्किम के खिलाफ 9 ओवर में 49 रन लुटाए, दोनों ही मुकाबलों में वह विकेट कॉलम खोलने में नाकाम रहे।

लिस्ट ए करियर में अर्जुन अब तक 20 मैच खेल चुके हैं और उनके नाम 25 विकेट दर्ज हैं, लेकिन इस सीजन के शुरुआती आंकड़े उनके लिए चिंता की वजह बन रहे हैं। लगातार तीन मुकाबलों में विकेट न मिलना, खासकर उस खिलाड़ी के लिए अधिक दबाव वाला है जिसके पिता सचिन तेंदुलकर जैसे महान क्रिकेटर रहे हों और जिस पर पहले से ही अतिरिक्त निगाहें हों।

ओपनिंग में उतरकर दिखाई बल्लेबाजी की झलक

हालांकि मुंबई के खिलाफ मैच में अर्जुन ने बल्ले से थोड़ी सकारात्मक झलक जरूर दिखाई। 445 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए गोवा ने उन्हें ओपनिंग के लिए भेजा और उन्होंने शुरुआत में आक्रमक रुख अपनाते हुए 27 गेंदों पर 24 रन बनाए, जिसमें 5 चौके शामिल थे।

यह पारी भले लंबी नहीं रही, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिला कि अर्जुन सिर्फ गेंदबाज ही नहीं, बल्कि उपयोगी लोअर या टॉप ऑर्डर बैटर के रूप में भी टीम के लिए विकल्प बन सकते हैं। गोवा की टीम हालांकि 9 विकेट पर 357 रन तक ही पहुंच सकी और 87 रन से मैच हार गई, लेकिन अर्जुन की छोटी सी पारी ने उनके ऑलराउंडर बनने की संभावना को जिंदा रखा।

आईपीएल 2026 में LSG की जर्सी में नज़र आएंगे

इस घरेलू सीजन के बीच अर्जुन के करियर से जुड़ी एक बड़ी खबर भी सामने आई है। आईपीएल 2026 में वह मुंबई इंडियंस नहीं, बल्कि लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की ओर से खेलते हुए दिखेंगे, जहां उन्हें ट्रेड के जरिए शामिल किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक LSG ने अर्जुन के बदले मुंबई इंडियंस को तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ट्रेड किया है, जो पहले लखनऊ टीम का हिस्सा थे। यह बदलावा अर्जुन के लिए नए माहौल, नए कोचिंग सेटअप और अलग टीम कॉम्बिनेशन के साथ खुद को साबित करने का बड़ा मौका देगा, खासकर तब जब उनके पास समय रहते अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की जरूरत है।

क्या बदलने की ज़रूरत है अर्जुन के खेल में?

विजय हजारे ट्रॉफी में अर्जुन की गेंदबाजी से साफ है कि उन्हें लाइन-लेंथ और डेथ ओवर मैनेजमेंट पर काफी काम करना होगा। लगातार रन लीक होने से न सिर्फ टीम दबाव में आती है, बल्कि कप्तान के पास भी फील्ड और गेंदबाजी बदलाव के विकल्प सीमित हो जाते हैं।

सीमित ओवर क्रिकेट में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में सफलता के लिए वेरिएशन—जैसे स्लोअर बॉल, ऑफ-कटर, यॉर्कर और एंगल्स का बेहतर इस्तेमाल—बहुत जरूरी है। साथ ही, नई गेंद से स्विंग निकालने के साथ मिड ओवर में डॉट बॉल और स्ट्राइक रेट कंट्रोल करना भी उनके लिए फोकस का अहम हिस्सा होना चाहिए, खासकर तब जब बल्लेबाज सरफराज खान जैसे फॉर्म में हों।

दबाव, उम्मीदें और वापसी की गुंजाइश

अर्जुन तेंदुलकर पर बचपन से ही एक महान खिलाड़ी के बेटे होने का दबाव रहा है और हर मैच में उनकी तुलना किसी न किसी स्तर पर सचिन से हो ही जाती है। ऐसे माहौल में शुरुआत में असफलताएं मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन आधुनिक क्रिकेट में करियर का शुरुआती ग्राफ हमेशा सीधा नहीं होता, कई खिलाड़ी संघर्ष के बाद ही स्थिरता पाते हैं।

अर्जुन के लिए सकारात्मक बात यह है कि वह अभी युवा हैं, उनके पास घरेलू क्रिकेट और आईपीएल दोनों मंचों पर खुद को साबित करने के पर्याप्त मौके मौजूद हैं। यदि वह अपनी गेंदबाजी पर काम करते हुए, फिटनेस और मानसिक मजबूती को बेहतर बनाते हैं, तो ये शुरुआती असफलताएं आगे चलकर उनके अनुभव और सीख का हिस्सा बन सकती हैं, न कि करियर की पहचान।

आगे का रास्ता: घरेलू प्रदर्शन ही बनेगा असली पैमाना

फिलहाल, विजय हजारे ट्रॉफी में शेष मैच अर्जुन तेंदुलकर के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। विकेट कॉलम खोलना, इकॉनमी रेट संभालना और बल्ले से भी कुछ उपयोगी रन जोड़ना, ये तीनों चीजें मिलकर उनके आत्मविश्वास के साथ-साथ सेलेक्टर्स और फ्रैंचाइज़ी मैनेजमेंट की नजर में उनकी स्थिति मज़बूत कर सकती हैं।

आईपीएल 2026 में LSG की जर्सी पहनने से पहले अगर वे गोवा के लिए कुछ प्रभावशाली स्पेल डालते हैं, तो न सिर्फ सोशल मीडिया की आलोचना कम होगी, बल्कि उन्हें खुद भी यह विश्वास मिलेगा कि वे सिर्फ नाम से नहीं, प्रदर्शन से भी टीम में जगह बनाने की क्षमता रखते हैं। अभी की खराब गेंदबाजी फॉर्म उनके करियर का अंत नहीं, बल्कि एक ऐसे मोड़ की तरह देखी जा सकती है, जहां से सही मेहनत और सुधार के जरिए वह अपने लिए नया रास्ता बना सकते हैं।

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